भारत के कड़े रूख के आगे झुका ड्रैगन, डोकलाम से सेना हटाएगा चीन

नई दिल्लीः कई महीनों से सिक्किम में भूटान सीमा पर स्थित डोकलाम में जारी विवाद का हल हो गया है। भारत और चीन दोनों ने डोकलाम से सेना हटाने का फैसला किया है। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद सेना हटाने के फैसले पर आम राय बनी। डोकलाम से चीन सैनिकों के हटने को भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। चीन की धमकियों के बाद भी भारत डोकलाम विवाद को बातचीत के जरिए हल करने पर जोर दे रहा था।  इस मुद्दे पर भारत को अमेरिका, जापान, भूटान सहित कई देशों का समर्थन मिला था।

डोकलाम से पीछे हटेगी चीनी सेना

-दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में चीन डोकलाम से अपनी सेना हटाने पर राजी हो गया हैं। डोकलाम को चीन अपना एरिया बता रहा था। 
-इस मसले पर भारत और चीन के बीच संबंधों में काफी तनाव आ गया था। चीन हर बार भारत को युद्ध की धमकी दे रहा था जबकि भारत बातचीत के जरिए मामले का हल चाह रहा था।
-विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि अगर युद्ध भी होता है तो भी दोनों देशों को बातचीत की टेबिल पर आना ही होगा।
-डोकलाम विवाद को सुलझाने के भारत के प्रयासों को अमेरिका, जापान, भूटान सहित कई देशों ने समर्थन किया।
- भारत और चीन इस मुद्दे कई हफ्तों से चर्चा कर रहे थे कि कैसे इस पर तनाव को कम किया जाए। हांलाकि दोनों सेनाएं किस तरह से पीछे हटेंगी, इस पर कोई फॉर्मूला सामने नहीं आया हैं।
-सेना हटाने का कोई समय सीमा तय नहीं है। धीरे-धीरे दोनों देश सेना हटाएंगे। 

पीएम के चीन दौरे से पहले ही विवाद का हल

-3 सितंबर को पीएम मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने चीन जा रहे है। इससे पहले विवाद नहीं सुलझता तो ब्रिक्स सम्मेलन खटाई में पड़ सकता था।
-हांलाकि ये साफ नहीं है कि क्या इससे पहले चीन सड़क बनाने का काम रोक देगा। लेकिन सूत्र ये बताते हैं कि इस पर भी सहमति बन चुकी है।

क्या है विवाद

-दरअसल, सिक्किम के पास डोकलाम का एरिया भूटान में आता है। यह एक ट्राईजंक्शन एरिया है जहां भारत, चीन और भूटान की सीमाएं मिलती हैं। 
-चीन इसे अपना एरिया बताते हुए यहां सड़क बना रहा था जिसे भारतीय सेना ने रोक दिया। तभी से चीन और भारत के बीच तनाव बना था।